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श्री तोमर की अध्यक्षता में गठित समिति ने 11 बिंदुओं पर की अनुशंसाएं
भोपाल/कोलकाता, 4 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए गठित पीठासीन अधिकारियों की समिति की अंतिम बैठक पश्चिम बंगाल विधान सभा कोलकाता में संपन्न हुई। तीन समीक्षा बैठकों में चर्चाओं के बाद समिति ने 11 बिंदुओं पर अनुशंसाएं की हैं। इन सिफारिशों के साथ समिति का प्रतिवेदन सात राज्यों के अध्यक्षों ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला को सौंपा गया। प्रतिवेदन सौंपते समय सात राज्यों के अध्यक्ष सर्वश्री नरेंद्र सिंह तोमर, अध्यक्ष मध्यप्रदेश विधान सभा, सतीश महाना अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश विधान सभा, वासुदेव देवनानी अध्यक्ष, राजस्थान विधान सभा, कुलदीप सिंह पठानिया अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश विधान सभा, रथीन्द्र नाथ बोस अध्यक्ष, पश्चिम बंगाल विधान सभा, मिंग्मा नोर्बु शेरपा अध्यक्ष, सिक्किम विधान सभा तथा श्रीमती सुरामा पाढी अध्यक्ष, ओडिशा विधान सभा उपस्थित थे।
गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने विधायी कार्यवाही में वित्तीय सहित तदर्थ समितियों की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया है। इस भूमिका को अधिक स्पष्ट और समर्थ बनाने के लिए गठित समिति की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के विधान सभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी गई थीं। समिति में 6 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम एवं पश्चिम बंगाल के राज्य विधान मण्डल शामिल हैं। समिति की पहली बैठक मध्यप्रदेश विधान सभा भोपाल में 14 जुलाई, 2025 को एवं दूसरी बैठक राजस्थान विधान सभा, जयपुर में 5 मई, 2026 को हुई थी। कोलकाता में तीसरी और अंतिम बैठक में विधान सभा समितियों के संबंध में विमर्श हुआ।
पीठासीन अधिकारियों की समिति ने समितियों की बैठकों की संख्या, सभा समिति के सदस्यों के कार्यकाल, सभा समितियों के कोरम, सभा समितियों की अनुशंसाओं के क्रियान्वयन, विधेयकों को समितियों को संदर्भित किए जाने, सभा समितियों के प्रतिवेदनों पर चर्चा, सभा समितियों में विशेषज्ञों को आमंत्रित करने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम, मौखिक साक्ष्य के दौरान विभागीय अधिकारियों की उपस्थित सुनिश्चित करने बजट परीक्षण हेतु स्थायी समितियों के गठन, सलाहकार समितियों के गठन, समितियों के अध्ययन दौरे के पश्चात की जाने वाली करवाई आदि पर विचार कर 11 बिंदुओं पर अपनी सिफारिशें दी हैं।
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